संस्कृत शब्द - चित्रों के साथ

★सुभाषित★

यः पठति लिखति पश्यति परिपृच्छती पण्डितान् उपाश्रयति ।
तस्य दिवाकरकिरणैः नलिनी दलं इव विस्तारिता बुद्धिः ॥

One who reads, writes, sees, inquires, and dwells in the company of learned men, his intellect develops like the lotus leaf blooming in the rays of the rising sun.

जो व्यक्ति पढता है, लिखता है, अवलोकन करता है, निरीक्षण करता है और पंडितों की सौबतमें रहता है उसके मन - बुद्धिका विकास प्रतःकाल के सूर्य की कीरणे जैसे कमल के फूलको विकसित करती है, वैसा होता है ।

★ संस्कृत शब्द ★

यहां चित्रों के साथ एवं विभिन्न प्रकार से विभाजित संस्कृत शब्द दियें जा रहे हैं अन्त मे ईनकी pdf भी मीलेगी ।



































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